मेरे दिल के अल्फ़ाज़

कभी-कभी दिल की गहरी भावनाओं को कुछ शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है।आपको अपने ख्यालों को व्यक्त करने के लिए लंबी कविता लिखने...

सोलह सिंगार

  इतरा रहा है ये मन मेरा करके सोलह सिंगार माथे पे चमक रहा है मेरे कुमकुम सुर्ख़ लाल आईने में दिखी हक़ीक़त और अब नहीं है...

तेरी दीवानी

      मेरे रोम रोम में तू समाया है इस तरह कि हर धड़कन सिर्फ़ तेरे नाम से गूंजती है तू तलाशता है तेरी धुन पर दीवानी हुई...

क़यामत

      हया तो गहना है औरत का नज़रों से मगर क़यामत वो ढाती है दुनिया की हसरत भरी निगाहों को अपने दामन में चुपके से समाती है

पहचान

      मंज़िल की खबर नहीं रास्ते भी अनजान हैं वक़्त है मुट्ठी में और ढूँढनी अपनी पहचान है

संकट मोचन

      जिनको श्रीराम का वरदान हैं, गदा धारी जिनकी शान हैं बजरंगी जिनकी पहचान हैं, संकट मोचन वो हनुमान हैं।

गुफ्तगू

    चल पड़ें हैं राह पुरानी कुछ लम्हें निकाल के और जी रहे हैं आज हम फिर कुछ पल सुकून के कहने को थी कितनी बातें पर...

उम्मीद की लौ

    झुकी हुई हैं नज़रें आज इंतेज़ार में तेरे डर हैं कहीं धड़कनें थम ना जाएँ उम्मीद की लौ मगर बुझने नहीं देंगे इंतेज़ार की घड़ियाँ शायद पल...

कान्हा

    जब भी मुझे तेरी याद आई कान्हा तेरी बांसुरी की धुन कर गई दीवाना छोड़ लोग लाज मैं दौड़ी चली आई बचपन की सखियाँ भी हुई पराई

राधे

    तेरे मेरे मिलने का राधे कोई संजोग नहीं तेरे मेरे नसीब में लिखी है बस ये दुखदाई विरह जब भी आए मेरे लब पर कभी नाम...

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